चुभन
उसके द्वारा कहे गए शब्दों की चुभन ऐसी थी कि , आज भी उसकी चुभन है नश्तर की तरह . दर्द होता है दिल में रह रह कर मेरे, जिंदगी तो मैं जी रही हूं पलस्तर की तरह.
A natural feeling of writing poetry it can heal ure heart