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Showing posts from October 16, 2020
  काश !तुम सागर होते मैं होती एक नदी तड़पती.                 काश !तुम गागर होते मैं उस में रहती  शीतल जल सी .           काश !तुम एक वृक्ष होते मैं रहती फलसी लटकती.       काश तुम  कान्हा होते मैं राधा  बनकर मधुबन में रहती.

तुम गीत बन जाओ

  तुम गीत बन जाओ मैं बन जाऊं गजल तुम्हारी.                 तुम प्रेमी बन जाओ मैं बन जाऊं प्रेमिका तुम्हारी.                तुम भाव बन जाओ मेरा मैं बन जाऊं भावना तुम्हारी.          तुम जीवन बन जाओ मेरा मैं बन जाऊं जीवनी तुम्हारी.

मुझे नहीं चाहिए

 मुझे नहीं चाहिए कीमती रेशम की साड़ियां,                        मुझे नहीं चाहिए सोने के महंगे - महंगे कंगन.                     मुझे तो चाहिए तेरा केवल समर्पित प्यार,                          जिस से महकता रहे सदा -सदा मेरा आंगन