उन्होंने कहा था साथ है हमारा सात जन्मों का हम तुम बिन ना एक पल भी कभी जी पाएंगे. मैं बीमार क्या हुई ?बिस्तर पर सोई रही कुछ दिन, तुम किसी और को लेकर मेरे घर आ गए .
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Showing posts from November 15, 2020
नई रोशनी होने लगी है
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दिए जल रहे है दिवाली के , बुझे नैना राह देखते पिया जी की. देश की रखवाली करने कह कर गए थे, दिवाली पर मैं आ ही जाऊंगा. एक दीवाली निकल गई है, अबकी दिवाली आ ही जाऊंगा. जलते दिए बुझने लगे हैं, कब तक कोई खबर ना आई है. जलते दिए अब बुझ गए हैं, दिल बिरहन का जलने लगा है. सरिता वन आंखों से अब, सजल नीर धार वन बहने लगी है. अपनी साड़ी का पल्लू ले आंखों में, गालों को वह रगड़ने लगी है . सहसा !दी दस्तक दरवाजे में किसी ने, ...