सफर चल रहा है कि .....
सफर चल रहा है कि यूं ही निकल रहा है, उम्मीद का दामन जैसे फिसल रहा है हार गई हूं जैसे अब चलते चलते मैं तो, सामने अब मौसम पतझड़ का आ गया है.
A natural feeling of writing poetry it can heal ure heart