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Showing posts from November 3, 2020
 दुख इस बात का नहीं कि दूसरों ने  दी बेरुखी मुझे.              दर्द इस बात का है कि, अपनों की बेरुखी से,                 अपनों की  सोची हुई गलत बातों से मैं और मेरा दिल,          राहत बहुत हो गया इतना हुआ कि वह है सो ही गया .

परेशानियां मोल ले ली है

 हमने उन्हें चाह कर परेशानियां मोल ले  ली हैं .                   मैं इंतजार करूं उनका कह कर चले जाते हैं..

बेटियां मेरे दिल का टुकड़ा है

  कोई किसी मजबूर पिता से पहुंचे की बेटियां,                    उसके दिल में बेटियों के लिए क्या है जगह.                     सीना फाड़ कर पिता दिखा देगा  और कहेगा,                     मैं गर्व से कहता हूं कि बेटियां मेरे दिल का टुकड़ा है.

हमेशा के लिए लौट आई है

 कुछ दिन पहले उसकी बेटी आपने घर आई थी.                  हाथों में चूड़ियां थी . मांग सिंदूर से सजाई थी .                 आज उसकी बेटी हमेशा के लिए लौट आई है घर,               ससुराल में  चंद पैसों के लिए बहुत गई सताई थी.

तेरी सलामती की सदा

  तू कर ले मुझसे नफरत जितना जी चाहे तेरा,                     मैं करूंगी प्यार तुझ से उतना ही ज्यादा और ज्यादा.            तो मांग मेरे मरने की दुआ खुदा से हर पल ,                       मैं भीख मांगूंगी  तेरी सलामती  की खुदा से सदा.