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Showing posts from October 21, 2020

कोई हमसे पूछे

  कोई हमसे पूछे कि कैसे जी रहे हैं हम.                            कोई हमसे पूछे जख्मी दिल कैसे सी रहे हैं हम.                  कोई हमसे पूछे मतलबी दुनिया का राज क्या है?               इन्हीं मतलबी हो के बीच में जी रहे हैं हम.

हम तो सभी को अपना मानते रहे

 हम तो सभी को अपना मानते रहे सदा ही,,                        कौन कब पराया हो गया पता ही ना चला.                        एक-एक करके सभी के सभी निकल  लिए.                        कब हम अकेले हो गए पता ही ना चला.

दिल धड़कता रहा

 धक धक करके दिल धड़कता रहा रात भर,                      उनके आने के इंतजार में ख्वाब बुनता रहा.                        सुबह हो गई वह अब आ भी गए हैं लेकिन,                        अपने साथ खूबसूरत कोई परी लाए हैं.