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Showing posts from November 24, 2020

तुम्हें मांगती हूं

  जागते सोते मैं हमेशा तुम्हारे ही सपने संजोते हूं.               तुम्हारे लिए सपने रात को क्या दिन में भी देखती हूं.            तुम कहीं खो ना जाना, इस जमाने की भीड़ में,                 रात दिन मैं इसलिए, दुआओं में तुम्हें ही मांगती हूं.