जिंदगी ना मिलेगी दोबारा
भीड़ भरी सड़क पर वह अपनी बाइक को तेजी से दौड़ा रहा था. उससे ध्यान नहीं था कि ,अब चौराहा आ गया है जहां चारों तरफ से ,गाड़ियां आती और जाती हैं. अचानक बहुत सारे ब्रेक गाड़ियों के लगाए गए और एक गाड़ी से उछाल कर एक लड़का सामने गिरा और दूसरी गाड़ी उस पर से होती हुई आगे निकल गई और कुछ दूर जाकर रुक गई. जितने लोग सड़क पर थे ,मैं भी सड़क पर थी. हम सब के साथ हैं एक पल के लिए मानव थम सी गई . सभी दौड़कर उस हादसे की तरफ गए तो देखा वह लड़का जो तेज बाइक में था जमीन पर लहूलुहान पड़ा था खून से लथपथ. समझ में नहीं आ रहा था कि हम सब क्या करें ? उस लड़के की सांसे रुक चुकी थी. बरबस मेरी आंखों से आंसू बहने लगे. मैंने तुरंत 108 में फोन किया. एंबुलेंस आ गई थी. दो चार लोग उस लड़के को उठाने में मदद कर रहे थे. लड़का अब नजरों के सामने से गायब हो चुका था. एक भाई साहब ने लड़की की जेब से फोन निकाल लिया था और 1,2 नंबर पर कॉल करके इस हादसे के संबंध में बता दिया था. अभी हम लोग उस लड़के के संबंध में अपने अपने विचार व्यक्त ही कर रहे थे तभी रोती बिलखती उसकी मां और उसके परिवार के बहुत सारे सदस्य ...