हम तो सभी को अपना मानते रहे

 हम तो सभी को अपना मानते रहे सदा ही,,                        कौन कब पराया हो गया पता ही ना चला.                        एक-एक करके सभी के सभी निकल  लिए.                        कब हम अकेले हो गए पता ही ना चला.

Comments

  1. कभी कोई किसी का नहीं होता .मतलब से ही सब जुड़े रहते हैं .मतलब निकल जाता है तो सब अपने अपने रास्ते निकल पड़ते हैं.

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