उसकी आंखें
उसकी आंख है ,आंखें हैं कि, समुंदर है कि, गहरा दरिया, हम ऐसे डूबे उनमें, गहराई इतनी कि डूबते चले गए हम. रात और दिन सुबह हो या शाम डूबे ही रहते हैं इनमें , लाख कोशिश की सभी ने फिर ना निकल पाए इनसे हम.
उसकी आंख है ,आंखें हैं कि, समुंदर है कि, गहरा दरिया, हम ऐसे डूबे उनमें, गहराई इतनी कि डूबते चले गए हम. रात और दिन सुबह हो या शाम डूबे ही रहते हैं इनमें , लाख कोशिश की सभी ने फिर ना निकल पाए इनसे हम.
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