A natural feeling of writing poetry it can heal ure heart
बदहवास थी वह
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
बदहवास थी वह आंखें थी उसकी डरी डरी , अपलक देख रही थी मेरी ओर कुछ सहमी सी. हाथों को थाम कर मैंने उसे धीरज देते हुए कहा! मां समझ मुझे यमराज से लड़ जाऊंगी ना घबरा.
यदि कोई किसी कारण से डर रहा हो ,उसके मन में किसी प्रकार की दहशत हो तो ,ऐसी स्थिति में सामने वाले को ऐसे शब्द कहें कि, उसके दिल में आपके प्रति इज्जत और उसके मन से डर निकल जाए.
यदि कोई किसी कारण से डर रहा हो ,उसके मन में किसी प्रकार की दहशत हो तो ,ऐसी स्थिति में सामने वाले को ऐसे शब्द कहें कि, उसके दिल में आपके प्रति इज्जत और उसके मन से डर निकल जाए.
ReplyDelete