ए जिंदगी !

  ए जिंदगी! जिए जा  रही हूं तुझे मैं आहिस्ता आहिस्ता.      कभी तो मंजिल मिलेगी मुझे भी आहिस्ता आहिस्ता.            मैं जानती हूं सरल नहीं है जीना तुझे ऐ जिंदगी !               फिर भी मंजिल को पा जाऊंगी  अपनी आहिस्ता आहिस्ता

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  1. मार्ग में कितने भी कठिनाइयां आएं और मैं जिंदगी को जैसे तैसे जी जाऊंगी और अपनी मंजिल को पा ही लूंगी.

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