सांसों का और  मेरा, हम दोनों का, एक अभिन्न रिश्ता है.      सांसे चलती तो, मैं भी चलती हूं. वह धीरे-धीरे मैं भी धीरे,   जब मैं खुश होती सांसे मेरी ,इस पल को हैं महसूस करती.   जब मेरी सांसे रुक जाए तो मेरा जीवन भी रुक जाएग तब.

 ए सांसे हैं ही तो हमारे जीवन की असली  जीवनसाथी है  , हमारा हमसफर ,यह हमारे साथ की दुनिया केवल कुछ पल , हमारे संग सुख और दुख को  ,लेने ,देने और सहने वाले हैं  , एक सांसे ही है जो जिनके साथ हम हमेशा रहने वाले हैं .

 जब सांसे थक जाती हैं हमारी हम भी तब थक जाते हैं,       जब यह रुकने की कोशिश करती तब हम भी रुक जाते .    जब तक सांसे हैं तन में ,मेरे तन में,  सबके के भी तन में ,      तभी तक हम जीवित हैं  ,जीवित हैं सब ,इस जग में .




Comments

  1. हमारे जीवन में सांसों का बहुत ज्यादा महत्व हर इन्हीं के द्वारा हमें जीवित होने का एहसास होता है यह नहीं तो हमारा शरीर निर्जीव है.

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