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सब कुछ गवा रहे इसकी शान के लिए

 सब बर्दाश्त करूंगी हिमानी के लिए,                                नहीं मुझे झुकना स्वार्थ के लिए.                                       देश मेरा अपना है भारत मेरी है भूमि,                               सब कुछ  गवारा है इस शान के लिए.

तुम्हें मांगती हूं

  जागते सोते मैं हमेशा तुम्हारे ही सपने संजोते हूं.               तुम्हारे लिए सपने रात को क्या दिन में भी देखती हूं.            तुम कहीं खो ना जाना, इस जमाने की भीड़ में,                 रात दिन मैं इसलिए, दुआओं में तुम्हें ही मांगती हूं.

शराब

  वह मधु पी रहा था मधुशाला में बैठकर,                           मधुशाला का ही वह बन गया नवाब.                               अभद्रता करने लगा वह सभी से वहां,                               यह  मधु का असर नहीं शराब का है जनाब.

जिंदगी तेरा तमाशा

 किसी के ख्वाब पूरे हो जाते हैं सभी,                                  कोई ख्वाब देख भी नहीं पाता.                                    हंसती है किसी की जिंदगी ठहाका लगाकर,                      कोई सुने घर में ,मुस्कुरा भी नहीं पाता.                              गजब है जिंदगी तेरे यह खेल सारे,                                    गजब है जिंदगी !तेरा  तमाशा .

खास होता है

  हजारों दोस्त मिल जाते हैं जब ,समय हमारा साथ देता है.    जिंदगी की तमाम अच्छाइयां ,नजदीक हमारे आ जाती हैं. मुसीबत का जब हल्का सा झोंका आता है हमारे जीवन में,   रिश्ता वही पहले तोड़ता है जो बहुत खास होता है हमारा.

नकली साधु

  ले कमंडल हाथ में, साधु का रूप धारण किया है हमने,        जा बैठे हम आज, दलालों की बस्ती में, कुछ इस तरह,           कोई तो यहां आएगा, अपनी जन्म कुंडली जानने ,             बन बगुला नदी का,धर दबोचे गे उसे मछली की तरह.
  उन्होंने कहा था साथ है हमारा सात जन्मों का                   हम तुम बिन ना एक पल भी कभी जी पाएंगे.                     मैं बीमार क्या हुई ?बिस्तर पर सोई रही कुछ दिन,               तुम किसी और को लेकर मेरे घर आ गए .

नई रोशनी होने लगी है

 दिए जल रहे है दिवाली के ,                   बुझे नैना  राह देखते पिया जी की. देश की रखवाली करने कह कर गए थे,                   दिवाली पर मैं आ ही जाऊंगा.  एक दीवाली निकल गई है,                       अबकी दिवाली आ ही जाऊंगा.  जलते दिए बुझने लगे हैं,                      कब तक कोई खबर ना आई है. जलते दिए अब बुझ गए हैं,                       दिल बिरहन का जलने लगा है. सरिता वन आंखों से अब,                         सजल नीर धार वन  बहने  लगी है.  अपनी साड़ी का पल्लू ले आंखों में,                           गालों को वह रगड़ने लगी है . सहसा !दी दस्तक दरवाजे में किसी ने,     ...

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

 भीड़ भरी सड़क पर वह अपनी बाइक को तेजी से दौड़ा रहा था. उससे ध्यान नहीं था कि ,अब चौराहा आ गया है जहां  चारों तरफ से ,गाड़ियां आती  और जाती हैं. अचानक बहुत सारे ब्रेक गाड़ियों के लगाए गए और एक गाड़ी से उछाल कर एक लड़का सामने गिरा और दूसरी गाड़ी उस पर से होती हुई आगे निकल गई और कुछ दूर जाकर रुक गई. जितने लोग सड़क पर थे ,मैं भी सड़क पर थी. हम सब के साथ हैं एक पल के लिए मानव थम सी गई . सभी दौड़कर उस हादसे की तरफ गए तो देखा वह लड़का जो तेज बाइक में था जमीन पर लहूलुहान पड़ा था खून से लथपथ. समझ में नहीं आ रहा था कि हम सब क्या करें ? उस लड़के की सांसे रुक चुकी थी.  बरबस मेरी आंखों से आंसू बहने लगे. मैंने तुरंत 108 में फोन किया. एंबुलेंस आ गई थी. दो चार लोग उस लड़के को उठाने में मदद कर रहे थे. लड़का अब नजरों के सामने से गायब हो चुका था. एक भाई साहब ने लड़की की जेब से फोन निकाल लिया था और 1,2 नंबर पर  कॉल करके इस हादसे के संबंध में बता दिया था. अभी हम लोग उस लड़के के संबंध में अपने अपने विचार व्यक्त ही कर रहे थे तभी रोती बिलखती उसकी मां और उसके परिवार के बहुत सारे सदस्य ...

धनतेरस

  आज त्रयोदशी है भगवान महादेव का पापनाशिनी  व्रत. .कार्तिक माह की त्रयोदशी के दिन जब देवता और राक्षसों के द्वारा समुंद्र मंथन किया गया था तो, इस दिन भगवान धनवंतरी जो आयुर्वेद के ज्ञाता थे और है अमृत कलश लेकर उपस्थित हुए थे . उस दिन की याद में हम धनतेरस  का उत्तम पर्व हम सभी भारतवासी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं..  इस दिन सुबह स्नान करके भगवान महादेव के साथ-साथ आयुर्वेद के ज्ञाता धनवंतरी जी की भी विशेष रुप से पूजा और आराधना की जाती है. इस दिन सभी घरों में कोई भी नया सामान यथा:- सोना चांदी, पीतल तांबा या अपनी श्रद्धा के हिसाब से जिसके पास जो धन रहता है उससे और भी ठोस धन यह जरूरत के हिसाब से सामान खरीदा जाता है. इस दिन व्यापारियों की चांदी ही चांदी रहती है. बाजारों में सोना चांदी ;पीतल तांबा ,इच्छा के अनुसार वस्तु खरीदने हेतु लोग भीड़ की भीड़ में ,दुकानों के आसपास और दुकानों के अंदर जय मां रहते हैं. शाम के समय नहा धोकर आयुर्वेद के ज्ञाता भगवान धन्वंतरी जी की पूजा की जाती है. यह पूजा पूरे विधि विधान के अनुसार होती है. भगवान धनवंतरी जी को घर से बने और बाजार से खरीदे ह...

सुख और दुख

  कहते हैं कि मरने पर इंसान ,अच्छे कर्मों के करने कारण स्वर्ग में जाता है और बुरे कर्मों के करने कारण ,वह नरक में जाता है.                         मेरा मानना है स्वर्ग नरक कहीं बाहर नहीं है .इसी जन्म में इसी भूमि पर इंसान अपने कर्मों के आधार पर सुख और दुख दोनों को प्राप्त कर लेता है. यदि कोई बहुत ज्यादा वैभव पूर्ण जीवन जी रहा है उसके जीवन में संपूर्ण सुखों की प्राप्ति है तो आप मान कर चलिए कि वह ,वर्तमान में स्वर्ग का जीवन जी रहा है ,वही उसके लिए स्वर्ग है इसके विपरीत यदि कोई ,जरूरत से ज्यादा दुखी है, छोटी छोटी चीजों के लिए तरस रहा है तो ,मैं यही मानकर चलूंगी की वास्तविक नरक वही व्यक्ति भोग रहा है, जिसे छोटी-छोटी दैनिक जीवन की चीजों के लिए भी दूसरों के सामने अपने दोनों हाथों को  फैलाना पड़ रहा है.                  स्वर्ग और नरक हम में से किसी ने अपनी आंखों से नहीं देखा है. यह सब तो हम आपने धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन से ज्ञात कर पाते हैं. यदि वास्तविक स्थिति में देखा जाए...

रुसवाईयां

  ऐसे ही नहीं हम आगे बढ़े अपनी जिंदगी में,                      जमाने की हमने बहुत चोटें खाई है .                                   है सभी के पास अपनी अपनी मंजिल ,                         हमारे पास तो बस रुसवाईयां यह रुसवाईयां है.
  दौर कैसा भी हो मुस्कुराकर चलिए .                                करीब कितने भी रहा हद बना कर चलिए.                        जिंदगी की दौड़ में , कशमकश बहुत है .                            इस जिंदगी की दौड़ में अपनों को साथ लेकर चलिए.
 जिसकी सांसो से मेरी सांसे जुड़ी थी .                              जो हर पल मेरे साथ में खड़ी थी.                                     दुखी रह कर भी मुझे देख खुश हुआ करती थी.                 अपने से ज्यादा प्यार करने वाली,                                    वह एक अकेली दुनिया में मेरी मां हुआ करती थी.

" दुआ" काफी है

नहीं चाहिए कोई दियासलाई ना ही आग का कोई तिनका,      घर जलाने के लिए तड़पते दिल की "बद्दुआ काफी है.          खुशियों का खजाना पाने के लिए ना हो कोई खजाना ,          इसके लिए तो एक दुखी दिल की "दुआ" काफी है
बहुत खोजा मैंने तुझ में ,प्यार की सच्चाई को,                    बहुत खोजा मैंने तुझ में, प्यार की अच्छाई को.                   कहीं ना मिली मुझे, प्यार की गिरती हुई बरखा                   मेरे लिए तेरे दिल  मैं सदा, दरवाजे बंद ही देखें .
  जब ज्ञात सभी को है यह,                                                     नारी ही पुरुष  की जननी है,                                  फिर क्यों यह पुरुष निरंतर,                                                         अनजान बना फिरता है                                     जब नारी नहीं अपने कोख से,                                                     जन्मा है और इसको पाला है.    ...

आशा और प्रत्याशा

  आशा और प्रत्याशा दोनों ही के बीच आज   ,                         यह कैसा घमासान हो रहा है.                                      आशा मेरी जीत रही है पूरी तरह और,                              प्रत्याशा का कत्लेआम हो रहा है.

ना जीत पाया बेचारा

 मन बेचैन है हमारा ,दिल में है उदासी,                                लड़ाई दिल और दिमाग की हो रही है.                              इस दिल और दिमाग की लड़ाई में  ,                                  पराजय  मेरे दिल की हो रही है  .                 जाने क्यों हो रहा है दिल मेरा बदनाम,                                दुनिया की चोटें वही क्यों खाए ?                                     गलतियां दिमाग करें मेरा हमेशा और,                                ...